हौसला
हर पल बढेगे न कभी रुकेंगे। सांसे थाम भी जाए ,पर रहो पर न हम रुकेंगे। न डरते हे किसी समाज से, किसी इंसान से। हम बदलते हे अपनी किस्मत,अपनी ही पहचान से। हर डूबते सूरज के साथ,अँधेरा सा छा जाता है। उंगति किरणों का नया पल,उम्मीदे जीवन में लाता है। डूबने भी लगे जिंदगी की कश्ती,डर कर साहिलों या तुफानो से, पर पार लगाएंगे उस कस्ती को भवर से, अपने साहस अपने बलिदानो से। जो टूटने लगे कभी हिम्मत,डर कर जो किसी अनजान से, न झुकेंगे,ना हारेंगे,किसी भी हालात से। लड़ेगे हर पल,हर पल हम बढेगे, अपनी ताकत,और अपने अभिमान से। Written by: Deepika Solanki Patel Fb.com/deepikasolanki01