प्यार का एहसास
रिस्ता उसका मुझसे अधूरा है कोई,
कभी तो सपनो से हकीकत में उत्तर लूंगा।आज चाहें वो कहानी है कोई,
कल अरमानो से सजा कर दुल्हन बना लूंगा।
पायल की छनकार घर,आँगन में दौड़ेंगी,
अपनी इस दास्ताँ को हकीकत बना लूंगा।
रंग बिरंगी,धुंधली सी तस्वीर हे वो कोई,
कभी सपनो से भी सुन्दर मूर्त बना लूंगा।
आज मोह्हबत, चाहत है वो मेरी,
कल जिंदगी से भी कीमती साँसे बना लूंगा।
रिस्ता उसका मुझसे अधूरा है कोई,
कभी तो सपनो से हक्किक्ट में उतार लूंगा।
Written By: Deepika Solanki Patel
Comments
Post a Comment