नारी शक्ति | इस दुनिया पर उस ईश्वर का अधिभार हे नारी | Woman Power || Deepika Solanki Patel


कौन कहता है, इस दुनिया में समाज में नारी का आधार नहीं।
आँखे खोल कर देखो, दुनिया में नारी बिन कोई समाज ही नहीं।
कौन कहता है नारी का कोई मन नहीं,
पत्थरो से टकराती धरा से पूछो, उसकी गति का किसी को अनुमान नहीं।
कभी माँ बनकर आँसू पोंछे, कभी बीवी बनकर साथ चली,
कभी बहु बनकर रस्मो को निभाती और
कभी बेटी बनकर खुशियां दे जाती है नारी।
एक कदम पीछे छूट जाए भी तो,
खुद आगे बढ़कर समाज को आगे बढ़ाती है नारी।
इस धरा से उस अम्बर तक की, हर गौरवगाथा का अभिमान हे नारी।
जीवन के रंगमंच का विश्वासपात्र आधार है नारी।
समाज के पेड़ों का करुणामयी आभार हे नारी,
सृष्टि के अस्तित्व की पहचान है नारी।
किसी के करुंक्रन्द का प्रमाण है नारी,
इस दुनिया पर उस ईश्वर का अधिभार हे नारी।

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